शहडोल में बीते आठ फरवरी को मुख्यमंत्री के काफिले को काला झंडा दिखाने के मामले में पुलिस कार्रवाई पर विवाद गहरा होते जा रहा है। इस प्रकरण में गिरफ्तार …और पढ़ें
Publish Date: Wed, 11 Feb 2026 04:01:52 PM (IST)Updated Date: Wed, 11 Feb 2026 04:01:51 PM (IST)

HighLights
- CM के काफिले को काला झंडा दिखाने पर गिरफ्तारी।
- आरोपी छात्र की 12वीं की परीक्षा छूटी।
- कलेक्ट्रेट का घेराव कर लाठीचार्ज का मामला।
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। जिले में बीते आठ फरवरी को मुख्यमंत्री के काफिले को काला झंडा दिखाने के मामले में पुलिस कार्रवाई पर विवाद गहरा होते जा रहा है। इस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए नाबालिग छात्र की 12वीं बोर्ड की अंग्रेजी की परीक्षा छूट गई। हालांकि,छात्र को मंगलवार सुबह बुढ़ार उप जेल से रिहा किया गया, लेकिन तब तक परीक्षा केंद्र पहुंचने का समय निकल चुका था।
पुलिस ने नाबालिग छात्र को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर बुढ़ार उप जेल भेजा था। स्वजनों का आरोप है कि उन्होंने सोमवार को तहसीलदार से कई बार गुहार लगाई थी कि छात्र की मंगलवार को बोर्ड परीक्षा है, इसके बावजूद उसे जमानत नहीं दी गई। मंगलवार सुबह छात्र को बिना स्वजनों को सूचना दिए जेल से छोड़ा गया, जिससे वह समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सका।
वहीं, इस मामले में पुलिस ने कुल 40 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की थी, जिनमें से 37 को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। बुधवार की सुबह आशू चौधरी और शेख साजिद उर्फ सन्नी को भी बुढ़ार उप जेल से रिहा कर दिया गया। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष आज़ाद बहादुर सिंह, प्रदीप सिंह, सूफियान खान, अभिषेक शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता जेल पहुंचे।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया और राजनीतिक द्वेष के तहत उन्हें जेल भेजा गया। इसी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को धरना देकर ज्ञापन सौंपा था। कांग्रेस ने घोषणा की है कि शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शहडोल पहुंचेंगे और कलेक्ट्रेट का घेराव कर लाठीचार्ज व गिरफ्तारी के विरोध में बड़ा आंदोलन करेंगे।